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कैंसर के इस कारगर इलाज से, अब नही होगा यह नुकसान

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, इस बीमारी से लोगों की मौत हो जाती हैं। पर आज हमारे मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है, की इस ला इलाज बीमारी का भी कुछ हद तक इलाज संभव है। कैंसर का सबसे कारगर इलाज है ‘कीमोथेरेपी’ इस इलाज से लास्ट स्टेज के कैंसर पर भी कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है। कीमोथेरेपी के इलाज के कई साइड इफेक्ट्स भी है, इसका एक बड़ा नुकसान है बालों का झड़ना। कीमोथेरेपी के इलाज के बाद दवाओं के इस्तेमाल से बाल कमज़ोर हो जाते हैं और झड़ने लगते हैं।कीमोथेरेपी के इलाज से होने वाले इस नुकसान को रोकने का वैज्ञानिकों ने एक समाधान निकाला है। कीमोथेरेपी कराने वाले 65% लोगों के बाल झड़ जाते हैं और इससे लोगों का आत्मविश्वास भी कम होने लगता है। वैसे तो इस इलाज के दौरान बाल झड़ते हैं और पूरी तरह इलाज होने के बाद नए बाल दोबारा आ जाते हैं ऐसा माना जाता है। लेकिन कीमोथेरेपी के इलाज के हर मामलों मे ऐसा नही होता है।अब कीमोथेरेपी के बाद नही करना पड़ेगा अफसोस : कीमोथेरेपी के इलाज मे दवा का एक क्लास जिसे टैक्सेन कहा जाता है, यह ट्यूमर मे सेल्स डिविजन को रोकता है। इसके साथ-साथ यह बालों के जड़ों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और बाल झड़ने लगते हैं। वैज्ञानिकों ने जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की , कि क्या इन दवाओं मे कुछ बदलाव कर इस नुकसान को रोका जा सकता है। सीडीके 4/6 इनहिबिटर नाम का एक नया दवाओं का क्लास चुना गया है शोध करने के बाद। अब यह कहा जा रहा है की इस दवा का उपयोग बालों को बिना किसी नुकसान के ट्यूमर सेल्स को डिविजन करने से रोक सकता है। अगर यह वाकई मुमकिन हो पाया तो कीमोथेरेपी इलाज करवाने वाले लोगों को मदद मिलेगी अपना आत्मविश्वास बनाऐ रखने और निराश न होने में।

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